Home न्यूज़ अद्भुत था महान मुक्केबाज मोहम्मद अली का जीवन !

अद्भुत था महान मुक्केबाज मोहम्मद अली का जीवन !

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mahammad aliसर्वकालीन महान मुक्केबाज मोहम्मद अली का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें सांस लेन में हो रही परेशानी के कारण गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अमरीका के राज्य एरीजोना के शहर फॉनिक्स के एक अस्पताल में 4 जून उन्होंने अपनी आखिरी सांसें ली। वे हमेशा के लिए इस दुनिया से भले ही चले गये, लेकिन एक अमिट छाप छोड़कर.
मोहम्मद अली जीवन का जीवन अपने आप में अद्भुत था. उन्होंने अपने प्रोफेशनल करियर में ज्यादातर फाइट नॉकआउट में जीती थीं। 6 फीट 3 इंच लंबे अली ने अपने करियर में 61 फाइटें लड़ी और 56 जीतीं इनमें से 37 का फैसला नॉकआउट में हुआ। उन्हें अपने करियर में सिर्फ पांच बार हार का सामना करना पड़ा। अली ने 1964, 1974 और फिर 1978 में विश्व चैंपियनशिप का ख़िताब जीता था। ‘द ग्रेटेस्ट, द पीपल्स चैंपियन और द लुइसविले लिप’ आदि निकनैम से मशहूर अली ने चार शादियां की थी जिनसे उन्हें सात बेटियां और दो बेटे थे।
मोहम्मद अली का जन्म 17 जनवरी 1942 को हुआ था। उनका शुरुआती नाम कैसियस मर्सेलुस क्ले जूनियर था। अली ने 12 साल की उम्र में बॉक्सिंग ट्रेनिंग शुरू की थी और सिर्फ 22 साल की उम्र में 1964 में सोनी लिस्टन को हराकर उलटफेर करते हुए वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीत ली थी। इस जीत के कुछ ही वक्त बाद उन्होंने डेट्रॉएट में वालेस डी फ्रैड मुहम्मद द्वारा शुरू किया गया ‘नेशन ऑफ इस्लाम’ ज्वाइन कर अपना नाम बदल लिया।
अपनी मशहूर जीत के तीन साल बाद उन्होंने यूएस मिलिट्री ज्वाइन करने से इनकार कर दिया। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि अमरीका के वियतनाम युद्ध में भाग लेने के चलते उनकी धार्मिक मान्यताएं आहत हुई हैं। सेना को मना करने के चलते अली को गिरफ्तार कर उनका हैवीवेट टाइटल छीन लिया गया। कानूनी पचड़ों के चलते अली अगले चार साल तक फाइट नहीं कर पाए।
1971 में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पलट दी। अली के युद्ध के लिए ईमानदारी से मना करने के फैसले ने उन्हें ऐसे लोगों का नायक बना दिया जो युद्ध के खिलाफ थे। कैसियस क्ले के नाम से मशहूर इस बॉक्सर ने 1975 में सुन्नी इस्लाम धर्म कबूल कर लिया। इसके तीस साल बाद उन्होंने सूफिज्म का रास्ता पकड़ लिया।
मशहूर पहलवान जॉर्ज वैग्नर से प्रभावित अली प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू के लिए किसी मैनेजर के भरोसे न होकर इन्हें खुद ही हैंडल करते थे। 6 फीट 3 इंच लंबे अली ने अपने करियर में 61 फाइटें लड़ी और 56 जीतीं इनमें से 37 का फैसला नॉकआउट में हुआ। उन्हें अपने करियर में सिर्फ पांच बार हार का सामना करना पड़ा।
एक बार अली से जब पूछा गया कि वह ख़ुद को कैसे याद किया जाना पसंद करेंगे। उन्होंने एक बार कहा था, ‘एक ऐसे इंसान की तरह जिसने कभी अपने लोगों का सौदा नहीं किया। लेकिन अगर वो बहुत ज़्यादा है तो आप कह सकते हैं कि मैं महज़ एक अच्छा बॉक्सर था और तब मैं इस बात का भी बुरा नहीं मानूंगा कि आपने मुझे सुंदर नहीं कहा।’