Home न्यूज़ जीएसटी दरों, स्लैब को सरल बनाने की जरूरत : अधिया

जीएसटी दरों, स्लैब को सरल बनाने की जरूरत : अधिया

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नई दिल्ली :केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को तर्कसंगत बनाने और कर की दरों में कटौती करने की जरूरत है।

सरकार ने हालांकि कहा कि ऐतिहासिक कर सुधार किसी अन्य रूप में लागू नहीं किया जा सकता था।

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा जीएसटी का एक साल का सफर विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा, दरों और स्लैब के सरलीकरण के मामले में हम भी इसकी जरूरत समझते हैं। लेकिन हमने जो किया वह तात्कालिक परिस्थिति में जो संभव था उसमें सबसे अच्छा था।

कारोबार क्षेत्र के लोगों द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को तर्कसंगत बनाने और कर स्लैब में कटौती करने की मांग की गई है।

वित्त सचिव ने कहा कि जीएसटी लागू करते समय सरकार उससे अलग कुछ नहीं कर सकती थी।

उन्होंने कहा, क्योंकि हमें राजस्व, समाज में आर्थिक रूप से गरीब वर्गो की चिंता और उनके उपयोग के उत्पादों को कर से बचाने का ध्यान रखना होता है। इसलिए इन सभी त्रुटियों के बीच हमने जो किया वह सर्वोत्तम था।

उन्होंने कहा कि कई लोगों ने वर्तमान रूप में जीएसटी की आलोचना की है लेकिन भारत में जीएसटी से पहले प्रचलित जटिल कर कराधान को भूल जाते हैं।

उन्होंने कहा, दो तरह के लोग हैं। एक वे हैं जो सकारात्मक दृष्किोण रखते हैं जबकि दूसरे वे हैं जो हमेशा नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं और वे जीएसटी से आए बदलाव को याद करने के बजाय इसमें त्रुटि निकालते हैं।

उन्होंने कहा, अलग-अलग तरह के 17 करों और कई उपकरों के साथ-साथ अनुपालन का भारी बोझ, अलग-अलग तरह के कर रिटर्न दाखिल करने की जरूरत और उत्तरोत्तर कराधान सब कुछ एक दिन में दूर हो गया।

वित्त सचिव ने माना कि मौजूदा प्रणाली में बेहतरी की संभावना अभी है जिसके तहत आगे इसे सरल बनाया जा सकता है और हर महीने एकल जीएसटी रिटर्न और पूरी तरह स्वचालित रिटर्न प्रक्रिया लागू की जा सकती है।

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