Home राज्य कर्नाटक देवेगौड़ा से मिले केसीआर, तीसरे मोर्चे पर की चर्चा

देवेगौड़ा से मिले केसीआर, तीसरे मोर्चे पर की चर्चा

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बेंगलुरू/हैदराबाद, :। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शुक्रवार को बेंगलुरू में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा से मुलाकात की और प्रस्तावित तीसरे मोर्चे पर चर्चा की।

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख ने पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं के साथ विशेष विमान से बेंगलुरू पहुंच कर जनता दल (सेकुलर) नेता से मुलाकात की और राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा की।

इस दौरान बैठक में देवेगौड़ा के पुत्र और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज भी मौजूद थे।

केसीआर के नाम से लोकप्रिय चंद्रशेखर राव ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि वे यहां देवेगौड़ा का आशीर्वाद लेने आए हैं और उन्होंने तीसरा मोर्चा बनाने के लिए अपना समर्थन दे दिया है।

उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चे का प्रस्ताव ओछी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में सार्थक बदलाव लाने के उद्देश्य लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि मोर्चे में किसान और देश के लोग होंगे।

केसीआर ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा- दोनों ने लगभग 65 साल देश पर राज किया और वे बुरी तरह असफल रहे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मोर्चे का मुख्य एजेंडा 2019 से पहले बता दिया जाएगा और इससे सहमत होने वाला कोई भी दल मोर्चे में शामिल हो सकता है।

प्रस्तावित मोर्चे के लिए केसीआर पिछले महीने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी से भी मुलाकात कर चुके हैं।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन तथा अभिनेता प्रकाश राज भी अपना समर्थन केसीआर को दे चुके हैं।

इसी दौरान केसीआर ने आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जनता दल (सेकुलर) को अपना समर्थन देने की घोषणा करते हुए कर्नाटक में रहने वाले तेलुगू भाषी लोगों से उन्हें वोट देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र या जहां भी पार्टी को जरूरत है, वे चुनाव प्रचार करने या अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।

कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी विवाद पर टीआरएस ने कहा कि इसके तथा अन्य राज्यों के बीच जल विवादों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस की निष्क्रियता जिम्मेदार है। भारत के पास 30,000 टीएमसी अतिरिक्त पानी होने के बावजूद देश के कई हिस्सों में पेयजल और सिंचाई के लिए जल नहीं है।

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