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मिजोरम ने केंद्रीय बलों को सीमा पर निगरानी कड़ी करने को कहा

आइजोल। मिजोरम सरकार ने केंद्रीय सुरक्षा बलों से अवैध शरणार्थियों, खासतौर पर रोहिंग्या की घुसपैठ रोकने के लिए म्यांमार और बांग्लादेश से सटी भारत की सीमा पर निगरानी कड़ी करने को कहा है।
मिजोरम में 510 किलोमीटर लंबी सीमा म्यांमार के साथ और 318 किलोमीटर बांग्लादेश के साथ लगती है, जिसकी निगरानी क्रमश: असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल करते हैं।

मिजोरम के गृह मंत्री आर. लालजिरलियाना ने मंगलवार को कहा, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के बाद हमारी सरकार ने दोनों बलों को म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने को कहा है।

उन्होंने कहा, शरणार्थियों की म्यांमार से बांग्लादेश में घुसपैठ के मद्देनजर सीमावर्ती गांवों के पास तैनात राज्य के सुरक्षाकर्मियों को भी हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है।

मंत्री ने कहा, हालांकि रोहिंग्या शरणार्थियों के मिजोरम में दाखिल होने की संभावना कम ही है क्योंकि म्यांमार का राखिने राज्य जहां से उन्होंने पलायन किया है, वह भारतीय राज्य से काफी दूर है।

पिछले महीने मिजोरम में दाखिल हुए म्यांमार के अराकन से आए करीब 170 शरणार्थियों ने दक्षिणी मिजोरम के लवंगतलाई जिले में शरण ली थी और वे सितम्बर की शुरुआत में ही अपने घरों को लौट चुके हैं।

इन शरणार्थियों ने म्यांमार की सेना और आतंकवादी संगठन अराकन मुक्ति सेना के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के कारण अराकन से पलायन किया था।

मिजोरम के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आतंरिक सुरक्षा) रीना मित्तल और संयुक्त सचिव (पूर्वोत्तर) सत्येंद्र गर्ग ने पिछले महीने अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम और मणिपुर का दौरा किया था।

 

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