Home देश नीरव मोदी के फर्जीवाड़े का असर जयपुर के आभूषण कारोबारियों पर

नीरव मोदी के फर्जीवाड़े का असर जयपुर के आभूषण कारोबारियों पर

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जयपुर : हीरा कारोबारी नीरव मोदी के फर्जीवाड़े का भूत जयपुर के आभूषण कारोबारियों को सता रहा है। आभूषण कारोबारी नकदी की भारी संकट से जूझ रहे हैं और उन्हें कहीं से कोई मदद भी नहीं मिल रही है, क्योंकि नीरव मोदी की धोखाधड़ी उजागर होने के बाद बाजार में साख का संकट पैदा हो गया है।

कारोबारियों ने बताया कि वे नोटबंदी के बुरे दौर को भुलाने की कोशिश कर ही रहे थे कि नीरव मोदी के फर्जीवाड़े ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी।

जयपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट संजय काला ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, न तो कारोबारियों के पास पैसा है और न ही बाजार में उन्हें कोई मदद करनेवाला है। नीरव मोदी मामला सामने आने के बाद हालत फिर खराब हो गई है। कारोबार बिल्कुल मंदा पड़ गया है।

एसोसिएशन के पूर्व प्रेसीडेंट जगदीश तांबे ने कहा, नोटबंदी से बाजार में नकदी की किल्लत हुई। सरकार को नोटबंदी के बजाय कोई बेहतर विकल्प तलाशना चाहिए था। सरकार को कारोबारियों से सारा पैसा जमा करने को कहना चाहिए और उस पर कुछ कर लगा देना चाहिए था। इससे नए नोट छापने की जरूरत नहीं पड़ती।

तांबे ने कहा, जीएसटी से हालत और खराब हो गई। आज भी सरकार को अपनी भूल स्वीकार कर लेनी चाहिए। उदार कराधान नीति और सरल निर्यात-आयात व्यवस्था की जरूरत है।

एसोसिएशन के पूर्व प्रेसीडेंट निर्मल बरादिया के पास कारोबारियों को संकट से निकलने का एक सुझाव है। उन्होंने कहा, कारोबारियों को भारी छूट पर अपने पुराने स्टॉक को निकालने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। उन्हें नए बाजार की तलाश करनी चाहिए, जहां कम लाभ मिलने पर भी तुरंत नकदी मिल सके। इससे बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा।

जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष राजीव जैन ने कहा, कई लोग मानते हैं कि बीती घटनाओं से बाजार में निराशा का माहौल बना है, क्योंकि बिक्री घट गई और कारोबारियों का मनोबल कमजोर हो गया है। इसलिए सकारात्मक माहौल बनाने की सख्त जरूरत है।

 

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