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दिल्ली विधानसभा में 53,000 करोड़ का हरित बजट पारित

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Rajpath Desk : दिल्ली विधानसभा ने मंगलवार को वित्तवर्ष 2018-19 के लिए 53,000 करोड़ रुपये का हरित बजट पारित किया, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अधिकतम आवंटन किया गया और प्रदूषण से लड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें 1,000 इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करना और प्रदूषण नहीं फैलानेवाले ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देना शामिल है।

कुल बजटीय आवंटन में 13,997 करोड़ रुपये (बजट का 26 फीसदी) को शिक्षा क्षेत्र को आवंटित किया गया है और 6,729 करोड़ रुपये (12.7 फीसदी) स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया है। पिछले साल दिल्ली का बजट 48,000 करोड़ रुपये था।

सरकार ने स्थानीय निकायों को भी 6,903 करोड़ रुपये दिए, जो कुल बजट का 13 फीसदी है और वित्तवर्ष 2017-18 के आवंटन के मुकाबले 9.88 फीसदी अधिक है।

सरकार ने 26 प्रदूषण रोधी कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें चार विभाग – पर्यावरण, परिवहन, ऊर्जा और लोक निर्माण विभाग शामिल है। इसमें वाशिंगटन विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी में प्रदूषण के स्रोतों को समझने के लिए रियल टाइम समूचे वर्ष चलनेवाला अध्ययन किया जाएगा।

इसके तहत लोक निर्माण विभाग सड़कों पर ऊर्जा कुशल एलईडी रोशनी लगाएगा तथा एक व्यापक पौधरोपण अभियान चलाएगा।

गैर-प्रदूषणकारी ईंधन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे हैं, जिनमें फैक्ट्री-फिट सीएनजी किटों के साथ निजी कारों के लिए पंजीकरण शुल्क में 50 फीसदी की रियायत भी शामिल है।

रेस्तरां को कोयला आधारित तंदूर को बदल कर बिजली या गैस आधारित तंदूर लगाने के लिए 5000 रुपये प्रति तंदूर या मिट्टी के ओवन की सब्सिडी दी जाएगी।

मौजूदा प्रदूषणकारी ईंधन से पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस ईंधन में बदलने के लिए अनुमोदित औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों को एक लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

डीजल जनरेटर सेट को बिजली जनरेटर सेटों में बदलने के लिए प्रतिष्ठानों को 30,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

शिक्षा क्षेत्र के लिए 13,997 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है जो पिछले बजट से 3,525 करोड़ रुपये अधिक है। वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि लगातार तीसरे साल के लिए कुल बजट का 25 फीसदी शिक्षा को दिया जा रहा है।

सभी सरकारी स्कूलों में 1.2 लाख क्लोज-सर्किट टेलीविजन स्थापित करने के लिए 175 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जिससे माता-पिता कक्षा में अपने बच्चों की गतिविधियों को ऑनलाइन देख सकेंगे।

स्वास्थ्य के लिए 6,729 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है, जो पिछले बजट से 2,627 करोड़ रुपये अधिक है। इसमें मोहल्ला क्लीनिक और पॉलीक्लिनिक्स के लिए 403 करोड़ रुपये और मोबाइल वैन क्लीनिक स्थापित करने के लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।

अन्य महत्वपूर्ण आवंटन में मुफ्त वाई-फाई के लिए 100 करोड़ रुपये शामिल हैं, जिसे 2016 में पायलट आधार पर शुरू किया गया था, लेकिन यह परियोजना शुरू नहीं हो सकी।

इसके अलावा, शहर भर में अनधिकृत कॉलोनियों के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए आत्मरक्षा कक्षाएं शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

 

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