Home राज्य तमिल नाडु रजनीकांत चाहते हैं तमिल बच्चे अपने अभिभावकों को मम्मी, डैडी कहें

रजनीकांत चाहते हैं तमिल बच्चे अपने अभिभावकों को मम्मी, डैडी कहें

चेन्नई। तमिलनाडु के मत्स्य मंत्री डी. जयकुमार ने मंगलवार को कहा कि रजनीकांत चाहते हैं कि बच्चे अपने अभिभावक को अम्मा और अप्पा के बदले मम्मी और डैडी कहकर पुकारें।

अभिनेता से नेता बने रजनीकांत ने राजनीति में आने का ऐलान किया हुआ है।

तमिलनाडु में तमिल बनाम हिंदी/संस्कृत के बाद अब तमिल बनाम अंग्रेजी की लड़ाई शुरू होती लग रही है और इसकी वजह नेता से अभिनेता बने कमल हासन और रजनीकांत की भाषा को लेकर राय हो सकती है।

रजनीकांत द्वारा सोमवार को एक कॉलेज में दिए भाषण की ओर इशारा करते हुए जयकुमार ने कहा कि अभिनेता चाहते हैं कि बच्चे अपने अभिभावक को मम्मी और डैडी कहें। रजनीकांत ने अपने भाषण में छात्रों को अंग्रेजी में बातचीत करने के लिए कहा था।

राजनीकांत द्वारा बच्चों से बेहतर भविष्य के लिए अंग्रेजी में बातचीत करने की सलाह, मदुरै में कमल हासन द्वारा भाषा को लेकर दिए गए भाषण से उलट है।

अपनी पार्टी मक्कल निधी मैय्यम (एमएनएम) को लांच करते हुए कमल ने कहा था कि अगर लोग तमिल में बात करेंगे तो यह भाषा लगातार बढ़ेगी।

उन्होंने साथ ही कहा था कि अगर लोगों को तमिल बोलने में शर्म महसूस होगी तो इस भाषा को तत्काल मौत का सामना करना पड़ेगा।

कमल ने मदुरै में दिए अपने भाषण में अंग्रेजी के एक भी शब्द का मिश्रण नहीं किया था जबकि शुद्ध तमिल होने का दावा करने वाले रजनीकांत ने तमिल और अंग्रेजी के मिश्रण टेंगलिश में भाषण दिया।

रजनीकांत ने छात्रों को उनके भाषा कौशल को बेहतर बनाने के लिए अपने बीच अंग्रेजी में बातचीत करने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा था कि तमिल लोगों को राज्य और देश से बाहर जाना चाहिए और अगर वे अंग्रेजी जानते हैं तो उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

रजनीकांत ने कहा था कि 12वीं कक्षा तक तमिल माध्यम में पढ़ाई करने के बाद छात्रों को कॉलेज में उनके विषय के साथ सामंजस्य बिठाने में परेशानी होती है क्योंकि वे अंग्रेजी माध्यम में होते हैं।

 

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