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मोदी पर सिद्धारमैया के लगाए आरोप द्वेषपूर्ण : रविशंकर प्रसाद

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नई दिल्ली : केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए आरोपों को द्वेषपूर्ण बताते हुए उन पर निशाना साधा। सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री पर कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता में लाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि कर्नाटक में सरकार बनाने की प्रक्रिया राज्यपाल वजुभाई आर. वाला के विशेषाधिकार के अधीन है।

यहां एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कहा, मैं कर्नाटक में सरकार बनाने की प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि यह पूर्ण रूप से राज्यपाल जी के विवेक पर निर्भर है। उनको इस पर फैसला लेना चाहिए।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने मीडिया में सिद्धारमैया को बिल्कुल गैर-जिम्मेदाराना, भ्रामक और द्वेषपूर्ण बयान देते हुए देखा है जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री पर लापरवाह व निराधार आरोप लगाए हैं।

उन्होंने कहा, मैं इस निराधार व बेबुनियाद बयान को पूरी तरह खारिज करता हूं।

प्रसाद ने कहा कि कर्नाटक चुनाव महज एक दस्तूर निभाने वाला कार्यक्रम नहीं था बल्कि इसमें पांच साल बाद नई सरकार चुनना था। जनादेश को समझा जा सकता है कि मुख्यमंत्री को दो जगहों में से एक जगह बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ा जबकि किसी तरह से वह दूसरी सीट जीत पाए। उनके मंत्रिमंडल में शामिल 16 मंत्री चुनाव हार गए।

कर्नाटक में 12 मई को हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। भाजपा 104 सीटों पर कब्जा कर प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। सरकार बनाने के लिए जरूरी 112 के जादुई आंकड़े को पाने में भाजपा आठ सीट से चूक गई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पार्टी की जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में जो कुछ भी कहा उसमें कुछ भी गलत नहीं था। उन्होंने जो कहा, उसे पूरे देश ने सुना। उन्होंने बदलाव के लिए मतदान करने वाले और उन्हें अपना स्नेह देने वाले कर्नाटक के मतदाताओं का आभार जताया था। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था सरकार कर्नाटक के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

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