Home न्यूज़ आदिवासियों को रुपये नहीं, अपना हक चाहिए : ज्योतिरादित्य सिंधिया

आदिवासियों को रुपये नहीं, अपना हक चाहिए : ज्योतिरादित्य सिंधिया

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शिवपुरी| मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार रात आदिवासियों की चौपाल में बिताई। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर हमले करते हुए कहा कि आदिवासी मेहनती हैं, उन्हें रुपया नहीं बल्कि जल, जंगल और जमीन का अपना हक चाहिए। शिवपुरी के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव के मद्देनजर आयोजित इस चौपाल में बड़ी संख्या में आदिवासी मौजूद थे। गुड़ा ग्राम में हुई इस चौपाल में सिंधिया ने राज्य सरकार पर आदिवासियों को अपने झांसे में फंसाने का आरोप लगाया।

राज्य सरकार ने कुपोषण मिटाने के लिए सहरिया, भारिया और बैगा आदिवासियों को प्रति माह एक हजार रुपये की राशि देने का ऐलान किया हुआ है।

सिंधिया ने खुद को आदिवासियों का हिमायती बताते हुए कहा कि आदिवासियों के घरों को रोशन करने के लिए संप्रग सरकार की पहल पर राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत खंभे लगे, तार बिछे, सब स्टेशन बने मगर राज्य की सरकार घरों तक बिजली नहीं पहुंचा पाई।

सिंधिया ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसने आदिवासियों का जल, जंगल और जमीन का अधिकार छीन लिया। आदिवासी जिस जमीन पर वषरें से काबिज थे, वहां से उन्हें बेदखल कर दिया गया है। कांग्रेस की सरकार आने पर आदिवासियों को उनका हक दिया जाएगा। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब आदिवासियों के लिए बड़े काम हुए थे।

आदिवासियों से सिंधिया ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “24 फरवरी को आप पंजे के निशान (कांग्रेस का चुनाव निशान) के सामने मशीन का बटन नहीं दबाने जा रहे, बल्कि सिंधिया के दिल का बटन दबाने वाले हैं। मैं आपका रहा हूं, आपका हूं और जिंदगी की अंतिम सांस तक आपका रहूंगा। लिहाजा कांग्रेस का साथ दें, कांग्रेस तो सदैव आपके साथ है।”

सिंधिया ने कहा कि वर्तमान सरकार ने एक हाथ से दिया तो आदिवासियों के बीच से आवाज आई ‘दूसरे हाथ से छीन लिया।’ कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार ने एक हजार रुपये में खरीदने की कोशिश की है। इस इलाके के आदिवासी को खरीदने की ताकत किसी में नहीं है। आदिवासी स्वाभिमानी है, वह मेहनत पर भरोसा करता है।

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