सफाई कर्मियों की वार्डवार उपस्थिति एवं कार्यों की होगी नियमित मॉनिटरिंग, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की भी होगी जांच:जिलाधिकारी

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शहर की साफ-सफाई, प्रकाश एवं जल निकासी व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक।

सफाई कर्मियों की वार्डवार उपस्थिति एवं कार्यों की होगी नियमित मॉनिटरिंग, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की भी होगी जांच।

हाथरस, 24 अगस्त, 2026 (सूचना विभाग)। शहर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी एवं डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने नगर पालिका सभागार में बैठक कर संबंधित अधिकारियों एवं नगर पालिका के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। लगातार हुई बारिश के दृष्टिगत शहर की साफ-सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर पालिका के स्थायी एवं आउटसोर्सिंग के सभी सफाई कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होकर नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित करें। सफाई कर्मियों की उपस्थिति, समयबद्धता एवं कार्य की गुणवत्ता की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए।

उन्होंने बताया कि शहर के 35 वार्डों में 35 कार्मिकों को प्रथम स्तर के रिस्पॉन्डर के रूप में तैनात किया गया है। ये कार्मिक यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित सफाई कर्मचारी निर्धारित समय पर उपस्थित होकर आई डी-कार्ड के साथ कार्य करते हुए उपस्थिति दर्ज करें तथा निर्धारित दायित्वों का समुचित निर्वहन करें। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा भी मौके पर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था की भी प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर से निर्धारित समय पर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है अथवा नहीं, इसकी टीमों के माध्यम से सत्यता की जांच की जाए। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निरीक्षण एवं जांच के लिए निर्धारित प्रारूप पर नियमित रिपोर्ट तैयार करने के संबंध में भी निर्देशित किया।

बैठक में शहर की प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान स्ट्रीट लाइट खराब होने, अंधेरा रहने अथवा किसी स्थान पर प्रकाश की आवश्यकता से संबंधित शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। ऐसी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए खराब लाइटों को ठीक कराने तथा आवश्यक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने नगर पालिका क्षेत्र में स्थापित सभी स्ट्रीट लाइटों का री-सर्वे कराकर प्रत्येक लाइट को यूनिक नंबर दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसी लाइट के खराब होने की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित लाइट का नंबर बताकर शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी तथा उसके शीघ्र निस्तारण में सुविधा होगी।

उन्होंने शहर की जल निकासी एवं नालियों की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ड्रेनेज प्लान के अनुसार नालियों एवं उनके निकास बिंदुओं का सर्वे कराया जाए तथा ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां भविष्य में जलभराव की संभावना हो सकती है। इससे आगामी समय के लिए जल निकासी व्यवस्था की बेहतर प्लानिंग की जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने सभी मॉनिटरिंग अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजी रिपोर्ट तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का वास्तविक सत्यापन करें। सफाई, कूड़ा उठान, प्रकाश एवं जल निकासी से संबंधित कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में संबंधित अधिकारियों एवं नगर पालिका कर्मचारियों को आगामी निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त रराजस्व, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, नगर पालिका के वार्ड वार मॉनिटरिंग हेतु नामित नोडल अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।

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