Home न्यूज़ प्रभावशाली प्रवासियों के कारण दुनिया के नेता पहुंचते हैं स्वर्ण मंदिर

प्रभावशाली प्रवासियों के कारण दुनिया के नेता पहुंचते हैं स्वर्ण मंदिर

चंडीगढ़। कनाडा के युवा प्रधानमंत्री जस्टिन टड्रो अगले माह जब सिखों के प्रसिद्ध पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर परिसर का दौरा करेंगे तो वह यहां से एक बड़ा राजनीतिक संदेश वापस घर ले जाएंगे।

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में पंजाबियों, खासकर सिखों की एक बड़ी आबादी निवास करती है। इन देशों के नेता जब भी भारत आते हैं, स्वर्ण मंदिर की यात्रा उनके कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा होता है।

मंदिर की यात्रा करने वाले टड्रो पहले कनाडाई शीर्ष नेता नहीं हैं।

इससे पहले, तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने 2009 में स्वर्ण मंदिर का दौरा किया था। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की थी और करीब एक घंटा मंदिर परिसर में बिताया था। हार्पर अपने यात्रा कार्यक्रम से हटकर अमृतसर की यात्रा करने को राजी हुए थे।

ब्रिटिश कोलंबिया और ओन्टेरियो जैसे कनाडाई प्रांतों के प्रमुख (मुख्यमंत्री के बराबर), संघीय मंत्री, संसद सदस्य और अन्य नेता अतीत में पंजाब के सिख तीर्थस्थलों का दौरा कर चुके हैं।

कनाडा सरकार ने पंजाबी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी है।

अमृतसर के एक शिक्षाविद रशपाल सिंह ने आईएएनएस को बताया, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में पंजाब के प्रवासियों की एक बड़ी आबादी निवास करती है। कई लोगों ने इन देशों में अच्छा काम किया है और वे राजनीतिक से भी जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने स्वर्ण मंदिर का दौरा किया था। वह फरवरी 2013 में यहां आए थे। अक्टूबर 1997 में ब्रिटिश साम्राज्य की रानी एलिजाबेथ और उनके पति, राजकुमार फिलिप ने मंदिर का दौरा किया था।

लंदन के महापौर सादिक खान ने हाल ही में दिसंबर 2017 में प्रसिद्ध मंदिर का दौरा किया था। केन लिविंगस्टोन ने नवंबर 2007 में मंदिर का दौरा किया था, जब वह लंदन के महापौर थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी भारत यात्रा के दौरान अक्टूबर 2010 में स्वर्ण मंदिर का दौरा किया था। उनका प्रस्तावित दौरा मंदिर में प्रवेश के दौरान सिर पर बांधे जाने वाले सरोपे को लेकर विवादों में घिर गया था। सिख धार्मिक परंपरा के अनुसार हर श्रद्धालु को मंदिर में अपना सिर ढकना होता है।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ स्वर्ण मंदिर का दौरा किया था।

स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं को लंगर परोसने वाले मोदी पहले प्रधानमंत्री थे।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अप्रैल 2016 में टड्रो को गुस्से से भरा खत लिखा था, जिसमें उन्होंने टोरंटो और वैंकूवर शहरों में पंजाबियों के साथ उनकी बैठकों की मंजूरी देने से इंकार करने के कनाडा सरकार के फैसले पर विरोध जताया था। कनाडा सरकार के साथ सिख कट्टरपंथियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद उन्हें अपनी राजनीतिक रैलियों को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

गुस्साए अमरिंदर ने सार्वजनिक तौर पर कनाडा के पहले सिख रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन से मिलने से मना कर दिया था, जब वह अप्रैल में पंजाब के दौरे पर आए थे। अभी यह तय नहीं है कि अगले माह होने वाली टड्रो की अमृतसर यात्रा की मेजबानी अमरिंदर करेंगे या नहीं।

 

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