Home राज्य बिहार अगर आप भी विदेश में पढ़ने का मन बना रहे हैं तो...

अगर आप भी विदेश में पढ़ने का मन बना रहे हैं तो जरूर पढ़े यह खबर और करें कॉन्फिडेंस लेवल डेवलप

SHARE

Rajpath Desk : छात्रों के बीच विदेश जाकर पढ़ने का चलन पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ता जा रहा है। इससे इंडिया भी अछूता नहीं है। इंडिया से हॉयर स्टडी के लिए सबसे ज्यादा छात्र ऑस्ट्रेलिया जाते हैं। इसके बाद ब्रिटेन, अमेरिका और न्यूजीलैंड का नंबर आता है। इन दिनों नीदरलैंड्स भी अब्रॉड स्टडी के लिए हॉट डेस्टिनेशन बना हुआ है। अगर आप भी पढ़ने के लिए विदेश जाने की सोच रहे हैं तो पहले जानिए इन बातों को..

सेल्फ कॉन्फिडेंस डेवलप करें :

अगर आप पढ़ने के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो सबसे पहले खुद में सेल्फ कॉन्फिडेंस डेवलप करें। विदेश में आाप अपने परिजनों और दोस्तों से हजारों किमी दूर होंगे। वहां आप एक तरह से अजनबी लोगों के बीच होंगे। वहां शुरू में भाषा की भी दिक्कत होगी। तो ऐसे में अलग-अलग लोगों से तालमेल बिठाना आपको आना चाहिए। यह आप तभी कर पाएंगे जब आपमें सेल्फ कॉन्फिडेंस होगा। आप सेल्फ कान्फिडेंस बढ़ाने के लिए कुछ माह की काउंसिलिंग भी ले सकते हैं।

पूरी रिसर्च करें :

अलग-अलग देशों में पढ़ाई का अलग-अलग सिस्टम होता है। वहां के सेमेस्टर अलग टाइम टेबल फॉलो करते हैं। फिर इस बात का भी ध्यान रखें कि बहुत से देशों में अंग्रेजी मेन लैंग्वेज नहीं है। तो जो कोर्स आप चुन रहे हैं, उसमें अंग्रेजी की फेकल्टी और बुक्स अवेलेबल हैं भी या नहीं, इसकी भी रिसर्च कर लें। टेलेंटेड स्टूडेंट्स के लिए देश में कई तरह की स्कॉलरशिप प्रोग्राम भी चल रहे हैं। इसके बारे में भी पहले से ही जानकारी हासिल कर लीजिए।

कोर्स करने से करियर में क्या फायदा होगा :

विदेश में इसलिए पढ़ने जाते हैं ताकि करियर में फायदा मिल सके। इसलिए विदेश में कोई भी प्रोग्राम चुनने से पहले इस बात की तस्दीक भी कर लेनी चाहिए कि उससे फ्यूचर में कॅरियर में क्या फायदा मिलेगा। क्योंकि विदेश में कोर्स करना ही पर्याप्त नहीं होता। अच्छा कोर्स करना जरूरी है। iiepassport.org और studyabroad.com जैसी वेबसाइट्स इस काम में आपकी मदद कर सकती हैं।

कोर्स को मान्यता प्राप्त है या नहीं?

कोर्स में एडमिशन लेने से पहले इस बात का भी पता लगा लें कि आपने जो कोर्स चुना है, उसे मान्यता भी हासिल है या नहीं। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि विदेश में पढ़ाई का मतलब यह नहीं है कि वहां सब अच्छा ही होगा। जैसे हमारे यहां फ्रॉड होते हैं, वैसे ही फर्जी कोर्स विदेशों में भी काफी होते हैं।

कुल खर्च कितना आएगा?

विदेशों में न केवल कोर्स की फीस बहुत ज्यादा होती है, बल्कि रहना और खाना भी महंगा होता है। तो ऐसे में इस बात का अनुमान पहले ही लगा लें कि कोर्स करने के दौरान कुल खर्च कितना आएगा, ताकि आगे दिक्कत न हो। संभावित खर्च का अनुमान डॉलर या पाउंड को रुपए में कंवर्ट करने के बाद लगाएं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here