सोशल मीडिया के माध्यम से उठाई गई मांग के बाद दाऊजी मेले में राजा दयाराम एवं राजा महेंद्र प्रताप सिंह की स्मृति में संगोष्ठी आयोजित किए जाने के निर्णय पर अधिवक्ता राघव वार्ष्णेय ने प्रशासन का आभार जताया
राघव वार्ष्णेय एडवोट की पहल लाई रंग, दाऊजी मेले में राजा दयाराम व महेंद्र प्रताप सिंह की स्मृति में होगी संगोष्ठ
हाथरस। ब्रज क्षेत्र के ऐतिहासिक श्री दाऊजी महाराज मेले में हाथरस के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महान व्यक्तित्वों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। 21 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे से राजा दयाराम जी एवं स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी की स्मृति में संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
अधिवक्ता राघव वार्ष्णेय, जिला एवं सत्र न्यायालय, हाथरस ने अपने YouTube चैनल एवं Instagram अकाउंट “Advocate Raghav Varshney” के माध्यम से 4 सितंबर 2026 को यह सवाल उठाया था कि श्री दाऊजी महाराज मेले में राजा दयाराम जी एवं राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी की स्मृति में विशेष कार्यक्रम क्यों आयोजित नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि राजा दयाराम जी का हाथरस के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है, वहीं राजा महेंद्र प्रताप सिंह देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रभक्त थे। ऐसे महान व्यक्तित्वों की स्मृति को दाऊजी मेले जैसे ऐतिहासिक आयोजन से जोड़ना हाथरस के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अधिवक्ता राघव वार्ष्णेय ने बताया कि उनके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से उठाए गए इस विषय को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी महोदय एवं सदर एडीएम द्वारा 21 सितंबर को प्रातः 10 बजे से संगोष्ठी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन की इस सकारात्मक पहल पर राघव वार्ष्णेय ने जिलाधिकारी एवं सदर एडीएम का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी छोटी-सी आवाज इस सकारात्मक पहल तक पहुंची है, तो वह इसे हाथरस की जनता की आवाज की जीत मानते हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में दाऊजी मेले के दौरान राजा दयाराम जी एवं राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी के जीवन, संघर्ष और योगदान पर आधारित प्रदर्शनी, व्याख्यान, नाटक, कवि सम्मेलन एवं युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और महान व्यक्तित्वों से परिचित हो सके।
अधिवक्ता राघव वार्ष्णेय ने कहा कि हाथरस के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महान व्यक्तित्वों का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
