जिला अस्पताल के बाहर प्राइवेट एंबुलेंसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा दो एंबुलेंसों के दस्तावेज मिले अधूरे, एआरटीओ कार्यालय ले गई टीम; नो पार्किंग में खड़े वाहनों के भी काटे चालान

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जिला अस्पताल के बाहर प्राइवेट एंबुलेंसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा

दो एंबुलेंसों के दस्तावेज मिले अधूरे, एआरटीओ कार्यालय ले गई टीम; नो पार्किंग में खड़े वाहनों के भी काटे चालान

हाथरस। जिले में नियमों का उल्लंघन करने वाले प्राइवेट एंबुलेंस और डग्गेमार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। सोमवार शाम परिवहन विभाग की टीम ने ARTO लक्ष्मन प्रसाद के साथ अचानक बांग्ला जिला अस्पताल के बाहर पहुंचकर सड़क किनारे और ओवरब्रिज के नीचे खड़ी प्राइवेट एंबुलेंसों की जांच शुरू कर दी। विभाग की अचानक कार्रवाई से एंबुलेंस संचालकों में हड़कंप मच गया।
टीम ने अस्पताल के बाहर खड़ी कई प्राइवेट एंबुलेंसों के पंजीकरण, परमिट समेत आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान दो एंबुलेंसों के कागजात में कमी पाए जाने पर परिवहन विभाग की टीम दोनों वाहनों को अपने साथ एआरटीओ कार्यालय ले गई। वहीं, नो पार्किंग जोन में एंबुलेंस खड़ी करने वाले संचालकों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई की गई।
टीम को देखते ही मची अफरा-तफरी
सोमवार शाम परिवहन विभाग की टीम जैसे ही बांग्ला जिला अस्पताल के बाहर पहुंची, सड़क किनारे खड़ी एंबुलेंसों की जांच शुरू कर दी गई। अचानक हुई कार्रवाई को देखकर मौके पर मौजूद कई एंबुलेंस चालक अपने वाहन लेकर वहां से हटते नजर आए। कुछ ही देर में अस्पताल के बाहर एंबुलेंस संचालकों के बीच कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्राइवेट एंबुलेंसों के दस्तावेजों और नियमों के अनुपालन की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले डग्गेमार वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दो एंबुलेंसों के दस्तावेज पूर्ण नहीं मिले, जिसके चलते उन्हें कार्रवाई के लिए एआरटीओ कार्यालय ले जाया गया। इसके अलावा नो पार्किंग में खड़े वाहनों के चालान भी किए गए।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। अस्पतालों के आसपास अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों और अधूरे दस्तावेजों के साथ संचालित एंबुलेंसों के खिलाफ आगे भी चेकिंग और कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।

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