हाथरस का ‘श्री’ ब्रांड हर्बल गुलाल बना ‘मेक इन इंडिया’ की मिसाल — 15 से अधिक देशों में पहुंचाई ब्रज की होली की खुशबू

हाथरस का ‘श्री’ ब्रांड हर्बल गुलाल बना ‘मेक इन इंडिया’ की मिसाल — 15 से अधिक देशों में पहुंचाई ब्रज की होली की
हाथरस_ जब पूरा देश ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है, तब हाथरस की ब्रज भूमि से एक उद्योग बड़े शान के साथ विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। सन् 1986 में दिवंगत श्री राम गोपाल गोयल द्वारा स्थापित शक्ति एंटरप्राइजेज (शक्तिरंग) अपने ‘श्री’ ब्रांड के हर्बल गुलाल, होली रंग, रंगोली कलर्स और पूजा सामग्री के माध्यम से ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका सहित 15 से अधिक देशों में हाथरस और उत्तर प्रदेश का परचम लहरा रहा है। हाथरस के घास मंडी स्थित इस संस्थान के वर्तमान प्रबंधक देवेंद्र गोयल के नेतृत्व में यह उद्यम न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित कर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। ‘श्री’ ब्रांड के हर्बल गुलाल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके किसी भी उत्पाद में सिंथेटिक डाई, विषाक्त रसायन या भारी धातु (हेवी मेटल) का उपयोग नहीं किया जाता — ये सभी उत्पाद 100 प्रतिशत पौधे-आधारित प्राकृतिक रंगों से निर्मित हैं, जिससे इन्हें बच्चों, बुजुर्गों और परिवार के सभी सदस्यों के लिए पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। प्रत्येक निर्यात खेप के साथ अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार EN71 पार्ट 3 टेस्ट सर्टिफिकेट एवं MSDS (मटेरियल सेफ्टी डेटा शीट) जारी की जाती है जो यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, खाड़ी देशों तथा अमेरिका की कठोर नियामक आवश्यकताओं को पूर्ण करती है। हाथरस की इसी पावन ब्रज भूमि पर निर्मित ‘श्री’ हर्बल गुलाल आज विदेशों में बसे प्रवासी भारतीयों के घरों में दीपावली और होली की खुशियां लेकर पहुंचता है और हाथरस को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। थोक व्यापारी, वितरक और निर्यात कारोबारी WhatsApp नंबर +91 86792 30972 पर अथवा marketing@shaktirang.com पर संपर्क कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए www.shaktirang.com पर जाएं।
